विक्टोरिया अस्पताल- आउटसोर्स कर्मचारियों का फूटा गुस्सा,अनिश्चित कालीन हड़ताल की शुरू
एंकर-जबलपुर के विक्टोरिया अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारियों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया है और उन्होंने अनिश्चितकालीन ‘काम बंद हड़ताल’ का बिगुल फूंक दिया है। पिछले तीन महीनों से बिना वेतन के काम कर रहे इन कर्मचारियों के सामने अब पेट भरने का संकट आ खड़ा हुआ है। इस धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पूर्व विधायक विनय सक्सेना मौके पर कर्मचारियों से मिलने पहुचे और उनकी आपबीती सुनी।इस दौरान विधायक विनय सक्सेना ने का आरोप है कि सरकार सरकारी नौकरी तो देती नहीं और आउटसोर्सिंग के नाम पर ठेकेदार और अधिकारी मिलकर उनके हक की कमाई डकार रहे हैं। समय पर वेतन न मिलना, संडे का पैसा कटना, पीएफ और ईएसआई जमा न होना जैसी गंभीर समस्याओं ने इन ‘स्वास्थ्य दूतों’ को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है।
इस हक की लड़ाई में अब राजनीति और कर्मचारी संगठनों का भी तगड़ा समर्थन मिल रहा है, जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष ब्रजेश मिश्रा ने कर्मचारियों की मांगों को पूरी तरह जायज बताते हुए कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने का एलान किया है। वहीं, जबलपुर कांग्रेस ने जिला प्रशासन और कलेक्टर को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर दो महीने का वेतन नहीं मिला और श्रम कानूनों के तहत सात दिनों में ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरा कांग्रेस परिवार विक्टोरिया अस्पताल का ऐसा घेराव करेगा जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई देगी। हालांकि, मरीजों की सहूलियत को देखते हुए फिलहाल कर्मचारी सेवा में डटे रहेंगे, लेकिन प्रशासन के लिए यह एक बड़ी और गंभीर चेतावनी है।






