पंचों ने अविश्वास से हटाया, जनता ने फिर सौंपा सरपंची का ताज।
एंकर-छोटेकापसी में प्रेमा बसंत जुर्री की ऐतिहासिक वापसी, भारी बहुमत से जीता उपचुनाव
लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है, और ग्राम पंचायत छोटेकापसी के मतदाताओं ने इसे एक बार फिर साबित कर दिया है। सोमवार को संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव में प्रेमा बसंत जुर्री ने भारी बहुमत के साथ सरपंच पद पर शानदार वापसी करते हुए दूसरी बार जनता का विश्वास हासिल किया है।
गौरतलब है कि पिछले पंचायत चुनाव में भी प्रेमा बसंत जुर्री को ग्रामीणों ने सरपंच चुना था। हालांकि लगभग छह माह पूर्व पंचायत के वार्ड पंचों द्वारा उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। उस समय पंचायत की आंतरिक राजनीति और गुटबाजी के चलते उन्हें हटाया गया था।
लेकिन उपचुनाव के रूप में जब फैसला सीधे जनता के हाथों में आया, तो मतदाताओं ने अपना स्पष्ट जनादेश देते हुए प्रेमा बसंत जुर्री को पुनः सरपंच चुन लिया। ग्रामीणों ने भारी मतदान कर यह संदेश दिया कि उनके नेतृत्व पर जनता का भरोसा पहले की तरह कायम है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार पद से हटाए जाने के बाद भी प्रेमा बसंत जुर्री लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहीं। उन्होंने ग्रामीणों के सुख-दुख में भागीदारी निभाई, जनसंपर्क बनाए रखा और विकास के मुद्दों को लेकर लोगों के बीच मौजूद रहीं। उनकी इसी सक्रियता और जनसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें दोबारा जनता का समर्थन दिलाया।
चुनाव परिणाम घोषित होते ही छोटेकापसी में उत्सव का माहौल बन गया। समर्थकों ने पटाखे फोड़कर, गुलाल उड़ाकर और मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया, सरपंच ने सर्वप्रथम काली माता का आशीर्वाद लिया उसके बाद समर्थकों के साथ बाइक रैली निकाली, गांव में देर शाम तक जीत का जश्न चलता रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि यह जीत केवल एक उम्मीदवार की नहीं, बल्कि जनता की भावना और लोकतांत्रिक विश्वास की जीत है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि प्रेमा बसंत जुर्री के नेतृत्व में पंचायत में रुके हुए विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी पहल होगी।






