राष्ट्रहित की सोच से स्वर्ण कारोबार फीका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर महिलाओं ने बढ़ाई स्वर्ण खरीद से दूरी
लालगंज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वर्ष तक सोना न खरीदने के आह्वान का असर अब लालगंज तहसील मुख्यालय और ग्रामीण बाजारों में दिखाई देने लगा है। पढ़ी-लिखी युवतियां, कामकाजी महिलाएं और नवविवाहित बहुएं स्वर्ण खरीद से दूरी बनाकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दे रही हैं। इसका असर अब सर्राफा कारोबार पर भी पड़ने लगा है।
तहसील मुख्यालय और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच यह चर्चा बढ़ी है कि देश की आर्थिक मजबूती के लिए अनावश्यक स्वर्ण खरीद से बचना भी देशसेवा है। कारोबारियों का कहना है कि पहले जहां युवा महिलाओं में आभूषण खरीदने का उत्साह रहता था। वहीं अब उनमें सादगी और बचत की भावना अधिक दिखाई दे रही है।दिल्ली से घर आई शिप्रा ने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की तरह त्याग और सादगी अपनाना आज समय की जरूरत है।मध्य प्रदेश से विवाह कर आई महिमा और रूबी ने कहा कि छोटे-छोटे त्याग से ही देश मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की महिलाएं अब केवल दिखावे तक सीमित नहीं रहना चाहतीं।खुशी, आकांक्षा, ज्योति और तनु ने कहा कि देश के साथ खड़ा होना ही सबसे बड़ा सम्मान है। वहीं दीपांजलि ने कहा कि राष्ट्रहित से जुड़े ऐसे आह्वान समाज में नई जागरूकता पैदा करते हैं।सर्राफा कारोबारियों के अनुसार बीते कुछ समय में बाजार की रौनक प्रभावित हुई है। विवाह और पारिवारिक अवसरों पर भी पहले जैसी खरीदारी नहीं हो रही है।






