.नपा स्वच्छता कि खुली पोल, वार्ड वासी परेशान।
एंकर…डबरा में नगर पालिका के विकास दावों की पोल खोलती ये तस्वीरें वार्ड क्रमांक 06 की हैं,जहाँ लोग आसुविधाओं के बीच अपना जीवन जी रहे हैं। हालात इतने बदतर हैं कि नालियों का गंदा और बदबूदार पानी सड़कों से होता हुआ निवासरत लोगों के घरों तक पहुंच रहा है,चारों तरफ फैली गंदगी और जलभराव से निवासरत लोगों का अपने ही घरों में रहना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने एसडीएम रूपेश रतन सिंघई की जन सुनवाई मे नगर पालिका अधिकारियों के ख़िलाफ़ शिकायती आवेदन पत्र दिया है, जिसमें गंदे पानी की निकासी सहित अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन पत्र दिया है।
वि/ओ…01… वार्डवासियों का कहना है कि हमें नगर पालिका सीएम साक्षी वाजपेई को फोटू वीडियो सहित लिखित में बताई थी लेकिन 08दिन बाद भी कोई हल हमारी समस्या का नहीं निकला अब हम सब एकत्रित हो कर एसडीएम रूपेश रतन सिंघई के पास आवेदन देने आए हैं,इन दिनों कालोनी के हालात बद से बदतर बने हुए हैं। नालियों पानी की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और घरों में घुस रहा है। लोगों का कहना है कि बदबू और गंदगी के कारण बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थ्य पर भी लगातार प्रभाव पड़ रहा है और वार्डवासी रोजाना बीमारी और संक्रमण के डर के साए में जीने को मजबूर हैं,अगर यही हालत रहे तो कुछ दिनों बाद हम अपने बच्चों के साथ सड़क पर आ कर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
वहीं लोगों ने इस बदहाली के लिए पार्षद एवं कॉलोनाइजरों को भी जिम्मेदार ठहराया है,आरोप है कि कॉलोनाइजरों ने मोटी रकम लेकर प्लॉट तो बेच दिए लेकिन पानी निकासी और नालियों की कोई व्यवस्था नहीं की है।नतीजा यह हुआ कि कालोनी में गंदे पानी में तब्दील हो गया। लोगों का कहना है कि कई बार नगर पालिका प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन दिए गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
वि/ओ..02…अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जब इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव था,तो आखिर इन कालोनियों को कैसे अनुमति मिली और कैसे कॉलोनी विकसित हुई। क्या प्रशासन किसी वार्ड क्रमांक 06 के गंभीर बीमार होने का इंतजार कर रहा है या फिर उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए वंचित रखा जा रहा है,अब देखना होगा कि प्रशासन की नींद अब भी खुलती है या फिर लोग यूँ ही गंदगी और बीमारियों के बीच अपनी जिंदगी गुजारने को मजबूर रहेंगे।





