श्री अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा साइबर अपराधों से निपटने की रणनीति बनाने, जांच की समीक्षा कर साइबर फ्रॉड करने वाले साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु दिए गए निर्देश के क्रम में श्री शुभम अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक भदोही के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों क्रमशः 1.अंशुल मिश्रा पुत्र विनोद मिश्रा निवासी कावलचक सिखारी थाना ज्ञानपुर जनपद भदोही उम्र करीब 20 वर्ष 2. मोहम्मद शोएव पुत्र मो0 रईस निवासी यादवपुर महासी सबलापुर जनपद बहराइच उ0प्र0 उम्र करीब 19 वर्ष , 3.कपिल रावत पुत्र हरिशचंद्र रावत निवासी ग्राम धरमंगत खेड़ा थाना मोहनलालगंज जनपद लखनऊ उम्र 19 वर्ष को मुखबिरी सूचना के आधार पर गोपीगंज ओवरब्रिज के पूर्वी छोर के पिलर नंबर 52 के सामने बस स्टैण्ड वेटिंग एरिया बने ब्रेंच से गिरफ्तार करते हुए अभियुक्तों के कब्जे से साईबर फ्राड से सम्बन्धित 04 अदद एन्ड्रायड मोबाईल बरामद करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
अभियुक्तों ने बताया कि ये सभी भदोही जनपद के अलावा इसके आसपास के जनपदो में ग्रामीण या भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं और सस्ते लोन का प्रलोभन देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे । खाता खुलने के बाद, ये अभियुक्त उन खातों के एटीएम कार्ड, पासबुक और बैंक से लिंक मोबाइल नंबर अपने कब्जे में ले लेते थे, ताकि देश के किसी भी कोने से साइबर ठगी के जरिए जुटाया गया पैसा सीधे उन खातों में मंगाया जा सके। गिरोह के सदस्यों की जामातलाशी के दौरान इनके पास से कई मोबाइल फोन और अलग-अलग सिम कार्ड बरामद हुए, जिनमें से अधिकांश इनके परिवार के सदस्यों जैसे पिता या भाई के नाम पर पंजीकृत थे। पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि अवैध रूप से अर्जित धन को ठिकाने लगाने के लिए ये मोहनलालगंज स्थित ‘शशि फिलिंग स्टेशन’ पेट्रोल पंप का इस्तेमाल करते थे। इस गिरोह का सदस्य कपिल रावत उसी पेट्रोल पंप पर काम करता था, जहाँ वे ठगी के पैसों को एटीएम से निकालने के बजाय पंप की स्वाइप मशीन (POS) के जरिए फर्जी ट्रांजेक्शन कर कैश में बदल लेते थे। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि पिछले एक साल के भीतर उन्होंने पेट्रोल पंप और एटीएम के माध्यम से लगभग 10 लाख रुपये की निकासी कर आपस में बांट लिये है भदोही से शीतल श्रीवास्तव की रिपोर्ट।





