सड़क नहीं, सिस्टम है बदहाल
15 साल से बेहाल है मार्ग
सरकार की नाकामी- कांग्रेस
मध्यप्रदेश के एक पूर्व मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में सड़क के साथ सिस्टम भी दम तोड़ चुका है। पहुंच मार्ग न होने से बस्ती के लोग बस्ती में ही फंसे रहते हैं। सामान्य दिनों में भी मुख्य मार्ग पर पानी और कीचड़ भरा रहता है। ग्रामीण अपने गांव में ही कैद रहकर अपनी फूटी किस्मत पर आंसू बहाने मजबूर हैं। देखिए विदिशा से नीरज निगम की यह रिपोर्ट
यह दर्द विदिशा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत नामाखेड़ा कोटरा के ग्रामीणों का है। यहां के ग्रामीण एक अदद पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। मिट्टी की सड़क तबाह हो चुकी है। बारिश के दौरान हालात और भी ज्यादा खराब हो जाते हैं, स्कूली बच्चे कीचड़ से होकर गुजरते हैं, बीमारों को खटिया पर लेकर इलाज के लिए पहुंचाना पड़ता है। अंतिम संस्कार के लिए भी लोगों को खासी परेशानियों से गुजरना होता है। गांव वाले अपनी परेशानी बताते बताते इस कदर परेशान हो चले हैं कि अब तो प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से उनका भरोसा भी उठ चुका है। कांग्रेस ने इसे सरकार की नाकामी करार दिया है। वहीं पंचायत का कहना है कि इस रोड के लिए ठहराव प्रस्ताव पास कर जनपद में मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। पंचायत ने भले ही ठहराव प्रस्ताव भेज दिया हो, मगर ग्रामीण जहां पैदा हुए, आज भी वहीं ठहरे हुए हैं।





