संदीप मौर्य✍️
कटनी। हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नल-जल एवं ग्रामीण जल प्रदाय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या कार्य में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य पूर्ण करने में रुचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। यह निर्देश कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने मंगलवार को जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में जल जीवन मिशन एवं मध्यप्रदेश जल निगम की योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिए।
बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत 523 जल प्रदाय योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। इनमें 400 योजनाएं हर घर जल सर्टिफाइड तथा 523 योजनाएं हर घर जल रिपोर्टेड घोषित की गई हैं। वहीं 423 योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जा चुका है।
ग्राम सभा के माध्यम से होगा हस्तांतरण
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी नल-जल योजनाओं को संबंधित ग्राम पंचायतों को ग्राम सभा आयोजित कर समारोहपूर्वक हस्तांतरित किया जाए। इससे ग्रामीणों को योजना के हस्तांतरण की जानकारी मिलने के साथ ही योजनाओं के संचालन एवं संधारण में ग्राम पंचायतों और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।
बचैया, भगनवारा और तेवरी के कार्यों में लापरवाही
समीक्षा के दौरान विकासखंड बहोरीबंद की ग्राम पंचायत बचैया, भगनवारा और तेवरी में जल प्रदाय योजनाओं के कार्यों में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने भोपाल की मेसर्स नेटलिंक सॉफ्टवेयर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत कार्य कर रहे सभी ठेकेदारों के कार्यों की नियमित निगरानी और समीक्षा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कर ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए। सभी प्रगतिरत योजनाओं को दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अतिरिक्त सीईओ अनुराग मोदी, पीएचई के कार्यपालन यंत्री पवनसुत गुप्ता, सुनीता द्विवेदी, जनपद पंचायतों के सीईओ, जल निगम के अधिकारी तथा पीएचई के सहायक एवं उपयंत्री मौजूद रहे।






