संदीप मौर्य ✍️
कटनी 01 सितम्बर 2026. खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया 15 सितम्बर से 10 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है। उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, मंत्रालय भोपाल के अनुसार किसान पंजीयन की कार्यवाही निर्धारित अवधि में की जाएगी।
पंजीयन प्रक्रिया के तहत भूमि स्वामी, सिकमी/बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसानों के पंजीयन, डाटा संशोधन एवं पंजीयन सत्यापन के संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
सिकमी/बटाईदार किसानों के लिए अनुबंध आवश्यक
सिकमी/बटाईदार किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज विक्रय करने के लिए पंजीयन कराने हेतु मूल भूमिस्वामी एवं सिकमी/ बटाईदार किसान के बीच मध्यप्रदेश भूमिस्वामी एवं बटाईदार के हितों का संरक्षण विधेयक, 2016 के तहत निर्धारित प्रारूप में अनुबंध होना अनिवार्य है। यह अनुबंध 15 सितम्बर 2026 के पूर्व निष्पादित होना आवश्यक है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अनुबंध की अवधि अधिकतम 5 वर्ष हो सकती है। जिन किसानों ने सिकमी/बटाई पर ली गई कृषि भूमि में इस वर्ष धान, ज्वार अथवा बाजरा की फसल बोई है और वे अपनी उपज समर्थन मूल्य पर विक्रय करना चाहते हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए निर्धारित प्रारूप में अनुबंध तीन प्रतियों में अतिशीघ्र निष्पादित कराना सुनिश्चित करें।
15 सितम्बर के बाद का अनुबंध मान्य नहीं होगा
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि 15 सितम्बर 2026 के बाद निष्पादित सिकमी/बटाई अनुबंध इस वर्ष समर्थन मूल्य पर किसान पंजीयन तथा धान, ज्वार एवं बाजरा के विक्रय के लिए मान्य नहीं होगा। अतः संबंधित किसान समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए आवश्यक अनुबंध की प्रक्रिया समय पर पूर्ण कराएं।





