नगर निकाय चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन सोजत उपखंड कार्यालय में दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। प्रत्याशियों की भारी भीड़ के बीच नामांकन प्रक्रिया को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद नजर आईं।
बिना सूची जारी किए फोन पर दी सूचना
चुनाव प्रक्रिया में इस बार एक नया मोड़ देखने को मिला, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस—दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों ने प्रत्याशियों की आधिकारिक सूची (सिंबल) सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की। इसके बजाय, दलों ने अंतिम समय में सीधे प्रत्याशियों को फोन कर नामांकन दाखिल करने के निर्देश दिए। कुल देवी-देवताओं को याद कर दाखिल किए नामांकन
नामांकन के अंतिम दिन प्रत्याशियों में भारी उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। पर्चा दाखिल करने से पहले कई उम्मीदवारों ने मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की और अपने-अपने कुल देवी-देवताओं का स्मरण कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद ही समर्थकों के साथ उपखंड कार्यालय पहुंचकर अपने नामांकन पत्र जमा कराए।
उपखंड कार्यालय में उमड़ी भीड़, निर्दलीयों ने बिगाड़ा गणित
अंतिम दिन टिकट कटने और पार्टी से असंतुष्ट रहे कार्यकर्ताओं का आक्रोश भी खुलकर सामने आया। पार्टी से नाराज कई दावेदारों ने बागी रुख अपनाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपने पर्चे दाखिल कर दिए। इससे दोनों ही प्रमुख दलों के सामने चुनावी समीकरणों को संभालने की नई चुनौती खड़ी हो गई है। SDM रवि प्रकाश ने किया दस्तावेजों का सत्यापन
उपखंड अधिकारी (SDM) रवि प्रकाश के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने सभी प्राप्त नामांकनों की गहनता से जांच की और दस्तावेजों का सत्यापन किया। कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए कार्यालय परिसर में पुलिस बल भी तैनात रहा।
नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही अब सोजत का सियासी पारा चढ़ गया है। आने वाले दिनों में नाम वापसी के समय यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों दल अपने-अपने बागियों को मनाने में किस हद तक कामयाब हो पाते हैं।





