बालोद जिले के सीमावर्ती ग्राम मुजालगोंदी में RTO की कथित कार्रवाई को लेकर ट्रक चालकों का गुस्सा सड़क पर उतर आया ट्रक चालकों ने RTO कर्मचारी पर बदसलूकी, मारपीट और एंट्री के नाम पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए जिसके बाद रायपुर-जगदलपुर नेशनल हाईवे-30 पर करीब तीन घंटे तक चक्काजाम रहा सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्री बसों समेत छोटे वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा हालांकि, RTO की ओर से आरोपों को निराधार बताया गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की बात कही गई हैदरअसल, ट्रक चालकों के मुताबिक वे रायपुर से कांकेर और कोंडागांव की ओर माल लेकर जा रहे थे इसी दौरान दुर्ग RTO के उड़नदस्ता दल ने करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा कर उनके वाहनों को रुकवाया ट्रक चालकों का आरोप है कि उनसे एंट्री के नाम पर रकम मांगी गई और रकम नहीं देने पर उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की गई इतना ही नहीं, वाहनों के दस्तावेज भी अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया गया घटना की जानकारी मिलने के बाद अन्य ट्रक चालक और स्थानीय परिवहन संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे इसके बाद स्थानीय संगठनों के आह्वान पर सुबह करीब 8 बजे मालवाहक वाहनों को सड़क पर खड़ा कर चक्काजाम कर दिया गया देखते ही देखते बालोद, धमतरी और कांकेर परिवहन संघ के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए…करीब तीन घंटे तक NH-30 पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा चक्काजाम के कारण रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं खासकर यात्री बसों और छोटे वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा आंदोलन कर रहे ट्रक चालकों का आरोप है कि मुजालगोंदी समेत कुछ अन्य स्थानों पर दुर्ग उड़नदस्ता की टीम द्वारा एंट्री के नाम पर कथित तौर पर 300 से 500 रुपये प्रति वाहन की वसूली की जाती है उनका आरोप है कि एंट्री नहीं देने पर 10 हजार रुपये तक के ऑनलाइन चालान की कार्रवाई की जाती है वहीं, परिवहन संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा इधर, दुर्ग उड़नदस्ता निरीक्षक ने ट्रक चालकों के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है उनका कहना है कि ट्रकों पर की गई चालानी कार्रवाई को अवैध वसूली बताया जा रहा है, जबकि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ, इसकी जांच की जाएगी वहीं बालोद पुलिस का कहना है कि परिवहन संघ की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी|






