ब्रह्माकुमारीज़ के रक्तदान शिविर में दो दिन में 242 यूनिट रक्त एकत्रितमहिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर लिया भाग, निस्वार्थ सेवा का दिया संदेशभरतपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के विश्व शांति भवन प्रांगण में आयोजित दो दिवसीय रक्तदान शिविर में आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कुल 242 यूनिट रक्तदान किया। शिविर के दूसरे दिन भी रक्तदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर रक्तदान कर सेवा भावना का परिचय दिया।
राजयोगिनी बी.के. कविता दीदी ने कहा कि राजयोग का मूल सिद्धांत है— “जो जितना देता है, वह उतना ही समृद्ध बनता है।” रक्तदान एक ऐसी निस्वार्थ सेवा है, जिसमें रक्तदाता किसी अनजान व्यक्ति का जीवन बचाने में योगदान देता है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे युवा राष्ट्र में यदि प्रत्येक स्वस्थ युवा वर्ष में एक-दो बार स्वैच्छिक रक्तदान करे तो रक्त की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। आज रक्तदाताओं के साथ-साथ समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता पैदा करने वाले प्रेरकों की भी आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान बी.के. बबिता बहन एवं बी.के. प्रवीणा बहन ने कहा कि जब व्यक्ति स्वयं सकारात्मक बनता है तो उसका परिवार, समाज और आगे चलकर राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन आता है। राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति में शांति, करुणा, निस्वार्थता और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना विकसित करता है, जो सेवा कार्यों की प्रेरणा बनती है।
उन्होंने कहा कि रक्तदान विश्व बंधुत्व का प्रत्यक्ष उदाहरण है। रक्त का न कोई धर्म, जाति, भाषा या सीमा होती है। जब किसी व्यक्ति का रक्त किसी अनजान व्यक्ति का जीवन बचाता है, तब मानवता की सबसे सुंदर तस्वीर सामने आती है।
शिविर में महल खास से बी.के. कृष्णा अम्माजी के अथक प्रयासों से स्टाफ ने सहयोग किया। वहीं अनंत महिला शक्ति पीठ से बहन पूनम गुप्ता एवं उनकी सहयोगी बहनों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अलावा रमेश सैनी, धर्मेंद्र सिंह (डायरेक्टर, KNGD), धीरज सिंह (आयकर विभाग), महात्मा गांधी वेटरनरी कॉलेज के प्रतिनिधियों, जितेंद्र एवं दिनेश सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।
शिविर को सफल बनाने में राकेश सिंह एडवोकेट, सेवानिवृत्त कर्नल तेजराम, जुगल किशोर सैनी, रमेश, योगेंद्र सिंह, सुधीर सिंह, जयसिंह, गौरव, गोविंद, बी.के. गीता बहन, बी.के. पावन बहन, बी.के. योगिता बहन, बी.के. रजनी बहन सहित ब्रह्माकुमारी संस्थान की अनेक बहनों एवं कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।
दो दिवसीय शिविर में 242 यूनिट रक्त एकत्रित होना आयोजन की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। शिविर ने समाज में स्वैच्छिक रक्तदान, मानव सेवा और विश्व बंधुत्व का महत्वपूर्ण संदेश दिया।






