मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा मानव दुर्व्यापार (Human Trafficking) के विरोध में आगामी 31 तारीख से 7 तारीख तक चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान का सफलतापूर्वक समापन कर लिया गया है। इस राष्ट्रव्यापी पहल के तहत पुलिस प्रशासन ने लोगों को जागरूक करने और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए हैं। इसी कड़ी में पुलिस बल द्वारा लगातार सात दिनों से रेलवे स्टेशनों और मुसाफिर खाना ट्रेनों में विशेष घोषणाओं (Announcements) के माध्यम से यात्रियों को इस गंभीर मुद्दे के प्रति सचेत किया जा रहा था।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने जनता को आगाह किया कि यदि किसी भी यात्री को मानव तस्करी या दुर्व्यापार से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, अथवा कोई बच्चा या व्यक्ति डरा-सहमा दिखाई देता है, तो वे तुरंत इसकी सूचना दे सकते हैं। पुलिस का यह विशेष अभियान इस बात पर केंद्रित था कि महिलाओं और बच्चों का शोषण करने वालों की तुरंत पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही, आम जनता को यह भरोसा भी दिलाया गया कि सूचना देने वाले की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा ताकि लोग बिना किसी डर के आगे आ सकें।
जीआरपी थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत ने बताया
आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त करने के लिए पुलिस द्वारा कई हेल्पलाइन नंबर भी साझा किए गए हैं। नागरिक मध्य प्रदेश पुलिस के हेल्प ऐप के जरिए ‘SOS’ बटन का उपयोग करके तत्काल मदद ले सकते हैं, इसके अलावा 139 हेल्पलाइन नंबर, बाल सहायता के लिए 1098 और महिला हेल्पलाइन के लिए 1090 पर भी संपर्क किया जा सकता है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे समाज में हो रहे ऐसे अपराधों के खिलाफ सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुँचाकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।





