संदीप मौर्य ✍️
कटनी/स्लीमनाबाद। एक ओर मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए संदीपनी विद्यालय जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ कर रही है, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। वहीं दूसरी ओर कटनी जिले की स्लीमनाबाद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बिछुआ के सहायक ग्राम छितवारा में बदहाल सड़कें सरकार के शिक्षा सुधार के दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही हैं।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम में पिछले वर्ष नल-जल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई थीं। कार्य पूरा होने के बाद सड़क की समुचित मरम्मत नहीं कराई गई। इतना ही नहीं, तेवरी से ज्ञानमंलगलं स्कूल मार्ग पर बनी एक-दो पुलियाओं को भी ठेकेदार द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिनका आज तक पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। परिणामस्वरूप पहली ही बारिश में पूरी सड़क कीचड़ और जलभराव से भर जाती है।
स्थिति यह है कि ग्राम छितवारा से लगभग 200 मीटर आगे स्थित ज्ञान मंगलम पब्लिक स्कूल तक पहुंचने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी तेवरी, लखनवारा, लिग़री, संसारपुर, गुदरी, नैगवां, बिछुआ एवं आसपास के कई गांवों से साइकिल और पैदल इसी मार्ग से गुजरते हैं। कीचड़ और गड्ढों के कारण बच्चे आए दिन फिसल जाते हैं, उनके कपड़े खराब हो जाते हैं और समय पर विद्यालय पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। अभिभावकों का कहना है कि लगातार ऐसी परेशानी के कारण बच्चों का विद्यालय जाने का उत्साह भी कम हो रहा है तथा उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि विद्यालय आने-जाने वाले इस प्रमुख मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए। यदि स्थायी निर्माण में समय लगे तो फिलहाल सड़क पर मुरम या गिट्टी डालकर गड्ढों को भरने की व्यवस्था की जाए, ताकि बारिश के मौसम में कीचड़ और जलभराव व कीचड़ से राहत मिल सके तथा नौनिहाल सुरक्षित एवं सुगमता से विद्यालय पहुंच सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में शिक्षा को प्राथमिकता देती है, तो विद्यालयों के साथ-साथ वहां तक पहुंचने वाले रास्तों को भी सुरक्षित और सुगम बनाना आवश्यक है। अन्यथा शिक्षा के बड़े-बड़े दावे बदहाल सड़कों की कीचड़ में ही दबकर रह जाएंगे।





