झोली अपने लिए नहीं गो माता के लिए
गौ माता के लिए घर-घर जाकर झोली फैलाकर मांगी रोटी
टीकमगढ़ । मध्य प्रदेश
एंकर ———–
झोली अपने लिए नहीं… गौमाता के लिए : श्री रावतपुरा सरकार ने ग्राम दलूपुरा में घर-घर झोली फैलाकर गौमाता के लिए मांगी रोटी , शिक्षा, स्वास्थ्य एवं धर्म संरक्षण के लिए कीं ऐतिहासिक घोषणाएँ
गौसेवा, करुणा एवं लोककल्याण के पावन संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से संचालित “एक रोटी गाय के लिए” अभियान के अंतर्गत आज पूज्य महाराज श्री ग्राम दलूपुरा, लिधौरा (टीकमगढ़) में स्वयं झोली लेकर घर-घर पहुँचे और गौमाता के लिए रोटी माँगी। श्रद्धालुओं एवं ग्रामवासियों ने भाव-विभोर होकर अपनी श्रद्धा से रोटियाँ झोली में समर्पित कीं। पूरे ग्राम में गौसेवा, सेवा-भाव और समर्पण का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर पूज्य महाराज श्री ने कहा कि यह झोली अपने लिए नहीं, बल्कि गौमाता की सेवा के लिए फैली है। गौसेवा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, करुणा और लोककल्याण का आधार है। प्रत्येक परिवार यदि प्रतिदिन गौमाता के लिए एक रोटी निकाले, तो यह समाज में सेवा, संवेदना और संस्कारों को सशक्त बनाने का माध्यम बनेगा।
ग्राम प्रवास के दौरान पूज्य महाराज श्री ने ग्रामीणों के हित में अनेक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक घोषणाएँ भी कीं। उन्होंने घोषणा की कि ग्राम दलूपुरा के बच्चों की स्कूल शिक्षा आर्थिक अभाव के कारण प्रभावित नहीं होने दी जाएगी तथा उनकी स्कूल फीस का संपूर्ण दायित्व वह स्वयं वहन करेंगे।
धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु पूज्य महाराज श्री ने ग्राम के मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए ₹5 लाख की सहयोग राशि प्रदान करने की भी घोषणा की।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए पूज्य महाराज श्री ने ग्रामीणों से विशेष आग्रह किया कि यदि किसी व्यक्ति को सर्प अथवा कोई अन्य विषैला जीव-जंतु काट ले, तो किसी भी परंपरागत उपचार या झाड़-फूँक में समय व्यर्थ न करें। सबसे पहले तत्काल अस्पताल पहुँचकर चिकित्सकीय उपचार कराएँ। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार ही जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है। यदि किसी जरूरतमंद के उपचार में आर्थिक कठिनाई आती है, तो इलाज का पूरा खर्च भी वह स्वयं वहन करेंगे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान ग्रामवासियों, मातृशक्ति, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूज्य महाराज श्री के इस सेवा, समर्पण और जनकल्याण के संदेश ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। ग्रामवासियों ने इन घोषणाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, गौसंरक्षण एवं धर्म संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए उनका हृदय से स्वागत किया।
“झोली अपने लिए नहीं… गौमाता के लिए।
एक रोटी गौमाता के लिए… एक संकल्प लोककल्याण के लिए।”





