देवास।
भारत सरकार की सबसे महत्वपूर्ण पहचान योजना आधार कार्ड के नाम पर देवास में लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। शहर के पुराने स्वास्थ्य विभाग कार्यालय की जर्जर इमारत में संचालित आधार केंद्र इन दिनों सुविधा केंद्र कम और हादसे का केंद्र ज्यादा नजर आ रहा है। यहां आधार बनवाने और संशोधन कराने पहुंचने वाले लोगों को गंदगी, जलभराव और खस्ताहाल भवन के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर काम करवाना पड़ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि करीब दो माह पहले शुरू हुए इस केंद्र की हालत इतनी खराब है कि दो दिन पहले ही भवन का सीमेंट का छज्जा भरभराकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि उस समय कोई व्यक्ति उसकी चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। केंद्र पर कार्यरत कर्मचारियों ने भी स्वीकार किया कि छज्जा गिरने की घटना हाल ही में हुई है।
बारिश के मौसम में पूरे परिसर में पानी और गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को कीचड़ और बदबू के बीच घंटों इंतजार करना पड़ता है। आवारा जानवरों की आवाजाही अलग परेशानी बनी हुई है। ऐसे हालात में आम नागरिकों के साथ-साथ यहां काम करने वाले कर्मचारी भी हर समय भय के साये में काम करने को मजबूर हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस जर्जर भवन पर क्यों नहीं पड़ रही? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? जब भवन का हिस्सा गिर चुका है, तब भी आधार केंद्र का संचालन उसी स्थान पर जारी है। नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले में संबंधित विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए आने वाले लोगों को सुविधा देने के बजाय उन्हें खतरे के बीच धकेला जा रहा है। यदि समय रहते इस केंद्र को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया और भवन की स्थिति का परीक्षण नहीं कराया गया तो कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल नहीं होगा।






