मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर कांग्रेस ने लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताया। लोकेशन~ देवास मध्य प्रदेश। रिपोर्ट भालचंद्र तिवारी, ब्यूरो चीफ देवास~मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी का आज पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर पत्रकार वार्ता के माध्यम से देश एवं प्रदेश की जनता के सामने एक अत्यंत गंभीर विषय रख रही है |राज्यसभा के कांग्रेस उम्मीदवार सुश्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना केवल एक उम्मीदवार के साथ अन्याय का मामला नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक वह प्रक्रिया, निष्पक्ष चुनाव एवं संविधान मूल्य पर गंभीर प्रहार है |। कांग्रेस पार्टी के शहर अध्यक्ष प्रयास गौतम ने पार्टी का स्पष्ट मत जिस प्रकार की आपत्तियां और व्याख्या के आधार पर मीनाक्षी जी नटराजन का नामांकन निरस्त किया गया उससे पूरे देश में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े किए साथ ही रिटेनिंग अधिकारी पर सीधे-सीधे आरोप लगाया, भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर यह कृत किया |ग्रामीण शहर अध्यक्ष मनीष चौधरी ने बताया कि जिस प्रतिवादका उल्लेख किया गया है उसमें मीनाक्षी नटराजन को अभियुक्त नहीं बल्कि प्रतिवादी के रूप में दर्शाया गया है प्रतिवाद और अभियुक्त की कानूनी स्थिति अलग-अलग होती है, दोनों को समान मानकर की गई व्याख्या गंभीर कानूनी प्रश्न उत्पन्न करती है जनप्रतिनिधि अधिनियम की धारा 33 ए और फॉर्म 26 की व्यवस्था का उपदेश उन आपराधिक मामलों की जानकारी प्राप्त करना है जिसमें उम्मीदवार के विरुद्ध विधिवत्त आपराधिक कार्य वही चल रही हो तथा कानून के अनुरूप आवश्यक प्रकृति कारण अपेक्षित हो जिस आधार को जिस आधार को नामांकन निरस्त करने का कारण बताया वह इन प्रावधानों की भावना और व्याख्या से मिल नहीं खाता है अन्य कारण भी बतलाये, साथ ही मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश की जनता को अस्वस्थ करती है कि संविधान लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा |लोकतंत्र केवल चुनाव में नहीं चलता बल्कि निष्पक्ष चुनाव में चलता है|।






