कटनी। जनपद पंचायत बहोरीबंद अंतर्गत ग्राम पंचायत छपरा की सरपंच की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पंचायत कार्यों में सरपंच पति के कथित हस्तक्षेप, वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोपों को लेकर जिला पंचायत कटनी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
जिला पंचायत द्वारा जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत के कार्यों में सरपंच पति द्वारा लगातार हस्तक्षेप किया जा रहा है। आरोप है कि पंचायत बैठकों की सूचना जारी करने से लेकर कार्यवाही में निर्णय लेने तक की प्रक्रिया में उनकी भूमिका रही, जबकि पंचायत अधिनियम में इस प्रकार के हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं है। इतना ही नहीं, सचिव पर दबाव बनाकर कार्यवाही लिखवाने और प्रस्ताव पारित कराने के आरोप भी लगाए गए हैं।
नोटिस के अनुसार ग्राम पंचायत छपरा में संचालित नल-जल योजना का लगभग 8.32 लाख रुपये का विद्युत बिल बकाया है। जबकि पंचायत खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध होने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जिससे गांव में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न होने की बात सामने आई है।
जांच के दायरे में बाजार नीलामी की राशि भी आ गई है। वर्ष 2024-25 और 2025-26 की बाजार नीलामी से प्राप्त राशि में से करीब 90 हजार रुपये पंचायत खाते में जमा नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। दस्तावेजों में इस राशि के निजी उपयोग की आशंका भी जताई गई है।
इसके अलावा नियमों के विपरीत कंप्यूटर सहायक के भुगतान के लिए पंचायत सचिव पर दबाव बनाने का मामला भी नोटिस में शामिल है। जिला पंचायत ने यह भी उल्लेख किया है कि सरपंच के विरुद्ध वित्तीय अनियमितताओं को लेकर पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 89 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया पहले से प्रचलित है।
जिला पंचायत ने सरपंच को निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर साक्ष्यों सहित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब प्रस्तुत न करने अथवा अनुपस्थित रहने की स्थिति में पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
अब पूरे मामले पर ग्रामीणों और पंचायत क्षेत्र की नजरें टिकी हैं। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो ग्राम पंचायत छपरा में बड़ा प्रशासनिक कार्यवाही हो सकती है।





