मजदूरी करके करती है परिवार का भरण-पोषण, विद्युत विभाग की मनमानी से इतनी परेशान कि खाने-पीने के लिए भी मोहताज, न्याय के लिए जनसुनवाई में कलेक्टर से लगाई गुहार
कटनी। बिजली विभाग की लापरवाही और कथित मनमानी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। शहर के झिंझरी, वार्ड क्रमांक 44 स्थित झोपड़पट्टी क्षेत्र में रहने वाली गरीब महिला गुड्डी सिंह को विभाग ने 45 हजार 604 रुपये का बिजली बिल थमा दिया है। आर्थिक रूप से कमजोर महिला का कहना है कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है और इतनी बड़ी राशि का बिल भरना उसके लिए असंभव है।
महिला ने जनसुनवाई में कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उसके घर का बिजली मीटर खराब हो गया था, जिसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग से की गई, लेकिन विभाग ने समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया। इसके बाद अचानक बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी शुरू हो गई। महिला के अनुसार, वह नियमित रूप से बिल जमा करती रही है, फिर भी अप्रैल 2026 का बिल बढ़कर 45,604 रुपये पहुंच गया।
पीड़िता का कहना है कि उसके घर में केवल सामान्य घरेलू उपयोग के कुछ उपकरण ही हैं, ऐसे में इतना अधिक बिल आना समझ से परे है। महिला ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर भी विभाग के अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे उसकी परेशानी लगातार बढ़ती गई।
गुड्डी सिंह ने बताया कि वह रोजाना मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पेट पालती है, लेकिन अब बिजली के भारी-भरकम बिल के कारण आर्थिक संकट और गहरा गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि परिवार के सामने रोजमर्रा के खर्च और भोजन की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो रहा है।
जनसुनवाई में पहुंचकर महिला ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घर का भौतिक सत्यापन कर वास्तविक बिजली खपत के आधार पर बिल संशोधित करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।






