स्लामिक धर्म गुरुओ ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की रखी मांग।
संवाददाता… लोकेंद्र सिंह सोलंकी
एंकर….देश भर के स्लामिक धर्म गुरुओ ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग सरकार से रखी है, इसी कड़ी में शहर कि जंगीपुरा स्थित मस्ज़िद के मुफ्ती उसामा अहमद (सदर) जमीयत उलमा ने केंद्र सरकार से मांग रखी है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए, जिससे गायों की कुर्बानी पर रोक लगेगी और एक्सपोर्ट और इंपोर्ट का सिलसिला भी थमेगा। गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दे तो देश का मुसलमान भी इसे खाना छोड़ देंगे। हालांकि कि गाय हिंदू भाइयों की आस्था का मामला है और हम उसकी आत्मा सम्मान का ख्याल रखना है, वहीं युवा एडवोकेट राजा अज़हर अली ने कहा कि हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए इससे कई तरह के विवादों का समाधान स्वतःही हो जाएगा। कहा कि एक तरफ जहां हमारे मुसलमान भाई इसे खाना छोड़ देंगे, तो वहीं दूसरी तरफ इससे जुड़े अन्य विवादों के समाधान का मार्ग भी प्रशस्त जाएगा। इससे दोनों संप्रदायों से जुड़े लोगों के बीच में सभी समस्याओं का समाधान होने के साथ-साथ शांति की स्थापना हो जाएगी और पशुओं की बलि पर भी अंकुश लगेगा।अब हम इस मामले में दोहरा रवैया किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकते। मुस्लिम नेता ने कहा कि गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने पर मुस्लिम समुदाय को आपत्ति नहीं है बल्कि वे तो सरकार के इस कदम स्वागत करेंगे,क्योंकि इस दिशा में कानून बन जाने के बाद गाय के नाम पर होने वाली ‘मॉब लिंचिंग’ और हिंसा बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा, “यह मांग केवल हम नहीं कर रहे हैं बल्कि अनेक साधु-संत भी लंबे समय से यह मांग उठा रहे हैं। इस बावजूद अगर सरकार इस विषय को गंभीरता से नही ले रही है तो इसका क्या अर्थ निकाला जाए। झूठ और अफवाहों के जरिए पूरे देश में मुसलमानों की छवि इस तरह खराब कर दी जा रही है समाज का एक बड़ा वर्ग मुसलमानों को गाय का विरोधी समझने लगा है।





