भितरवार अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार, भीषण गर्मी में मरीज और स्टाफ बेहाल।
भितरवार अस्पताल में भीषण गर्मी के बीच मरीजों और ड्यूटी पर तैनात इमरजेंसी स्टाफ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की ओपीडी और आईपीडी वार्डों में कूलर और एसी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है, जिससे मरीजों के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मचारी भी गर्मी में काम करने को मजबूर हैं।
अस्पताल में रोजाना 500 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन ओपीडी वार्ड में गर्मी से राहत के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों को पसीने और उमस के बीच घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। वहीं इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे कर्मचारी भी बिना कूलर-एसी के कठिन परिस्थितियों में सेवाएं देने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार बीएमओ अजय चंद्रावत द्वारा दो दिन पहले ओपीडी के लिए एक कूलर उपलब्ध कराया गया था, लेकिन आरोप है कि बिना बीएमओ की अनुमति के एचआरपी द्वारा वह कूलर वहां से हटवा लिया गया। इसके बाद से ओपीडी में फिर से गर्मी के बीच मरीजों और स्टाफ की हालत खराब बनी हुई है।
अस्पताल में सपोर्ट स्टाफ की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल में 14 सपोर्ट स्टाफ होने के बावजूद स्थायी कर्मचारियों को ही मरीजों को स्ट्रेचर पर लाने-ले जाने और अन्य कार्य करने पड़ रहे हैं। आरोप है कि अधिकांश सपोर्ट स्टाफ केवल सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही ड्यूटी करते हैं, जबकि नाइट ड्यूटी और 8 घंटे की नियमित सेवा व्यवस्था पूरी तरह गायब है।
इतना ही नहीं, जिन कर्मचारियों की जिम्मेदारी मरीजों को स्ट्रेचर से अंदर-बाहर लाना, अस्पताल का सामान इधर-उधर पहुंचाना और कूलरों में पानी भरने जैसे कार्य हैं, वे जिम्मेदारियां भी नियमित कर्मचारियों पर ही डाल दी गई हैं। आरोप यह भी है कि कई अधिकारियों के पास एक-एक कर चार-चार सपोर्ट स्टाफ तैनात कर दिए गए हैं, जबकि अस्पताल में मरीजों की सेवा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।
भीषण गर्मी और अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर कर्मचारियों और मरीजों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मरीजों और स्टाफ की सुविधा को देखते हुए तत्काल कूलर और एसी की व्यवस्था कराई जाए तथा सपोर्ट स्टाफ की कार्यप्रणाली की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।भितरवार अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार, भीषण गर्मी में मरीज और स्टाफ बेहाल।
भितरवार अस्पताल में भीषण गर्मी के बीच मरीजों और ड्यूटी पर तैनात इमरजेंसी स्टाफ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की ओपीडी और आईपीडी वार्डों में कूलर और एसी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है, जिससे मरीजों के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मचारी भी गर्मी में काम करने को मजबूर हैं।
अस्पताल में रोजाना 500 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन ओपीडी वार्ड में गर्मी से राहत के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों को पसीने और उमस के बीच घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। वहीं इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे कर्मचारी भी बिना कूलर-एसी के कठिन परिस्थितियों में सेवाएं देने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार बीएमओ अजय चंद्रावत द्वारा दो दिन पहले ओपीडी के लिए एक कूलर उपलब्ध कराया गया था, लेकिन आरोप है कि बिना बीएमओ की अनुमति के एचआरपी द्वारा वह कूलर वहां से हटवा लिया गया। इसके बाद से ओपीडी में फिर से गर्मी के बीच मरीजों और स्टाफ की हालत खराब बनी हुई है।
अस्पताल में सपोर्ट स्टाफ की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल में 14 सपोर्ट स्टाफ होने के बावजूद स्थायी कर्मचारियों को ही मरीजों को स्ट्रेचर पर लाने-ले जाने और अन्य कार्य करने पड़ रहे हैं। आरोप है कि अधिकांश सपोर्ट स्टाफ केवल सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही ड्यूटी करते हैं, जबकि नाइट ड्यूटी और 8 घंटे की नियमित सेवा व्यवस्था पूरी तरह गायब है।
इतना ही नहीं, जिन कर्मचारियों की जिम्मेदारी मरीजों को स्ट्रेचर से अंदर-बाहर लाना, अस्पताल का सामान इधर-उधर पहुंचाना और कूलरों में पानी भरने जैसे कार्य हैं, वे जिम्मेदारियां भी नियमित कर्मचारियों पर ही डाल दी गई हैं। आरोप यह भी है कि कई अधिकारियों के पास एक-एक कर चार-चार सपोर्ट स्टाफ तैनात कर दिए गए हैं, जबकि अस्पताल में मरीजों की सेवा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।
भीषण गर्मी और अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर कर्मचारियों और मरीजों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मरीजों और स्टाफ की सुविधा को देखते हुए तत्काल कूलर और एसी की व्यवस्था कराई जाए तथा सपोर्ट स्टाफ की कार्यप्रणाली की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।





