देवास में टोंककलां के पास हुई पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट की घटना के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पटाखा दुकानों व गोदामों की जांच अभियान चलाया गया। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चली कार्रवाई में आधा दर्जन से ज्यादा दुकानों और गोदामों को सील किया गया।
जांच के दौरान प्रशासनिक टीमों ने लाइसेंस, फायर फिटनेस, इलेक्ट्रिक फिटनेस, स्टॉक रजिस्टर और सुरक्षा मानकों की जांच की। कई जगह नियमों में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की गई।
शहर में नायब तहसीलदार पूजा भाटी की टीम ने तीन दुकानों का निरीक्षण किया। इनमें एक दुकान घनी आबादी वाले इलाके में संचालित हो रही थी और सामने बिजली का डीपी लगा था, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई थी। टीम ने दुकान को सील कर दिया। शिप्रा क्षेत्र में चारभुजा पटाखा दुकान पर जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर, फायर फिटनेस, इलेक्ट्रिक फिटनेस और बिल्डिंग फिटनेस से जुड़े दस्तावेज नहीं मिले। साथ ही बिना लेबल वाले पटाखे भी पाए गए। इसके बाद दुकान को सील कर दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्र गद्दूखेड़ी में एक दुकान में भारी मात्रा में भूसा भरा मिला, जबकि वहां पटाखा दुकान और गोदाम दोनों का लाइसेंस था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। तहसीलदार सपना शर्मा ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर गठित टीमों ने नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल कार्रवाई की है। प्रशासन ने साफ किया है कि सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





