संदीप मौर्य✍️
भोपाल। मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों में वित्तीय अनियमितताओं के मामलों को लेकर सरकार ने कार्रवाई की है। लगभग 392 अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, जिनमें करीब 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी भी शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य नगरीय निकायों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनता के पैसे का सही उपयोग करना है।
नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) श्री संजय दुबे के अनुसार, अब तक सात अधिकारियों को बर्खास्त किया जा चुका है। इसके अलावा, लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में 80 से अधिक ठेकेदारों और सप्लायर्स के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है।
AI और तकनीक से निगरानी
वित्तीय लेन-देन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से निगरानी की जा रही है। इसका उद्देश्य अनियमितताओं की पहचान करना, जवाबदेही तय करना और सरकारी धन के दुरुपयोग पर अंकुश लगाना है।
सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि जनता के पैसे का उपयोग पारदर्शी तरीके से हो और योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे। नगरीय निकायों में वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निगरानी एवं कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।





