एरच से गुरसराय तक निकली भव्य कावड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा मार्ग,गरौठा विधायक, एस डी एम एवं सी ओ ने की पुष्पवर्षा झांसी जनपद के गरौठा क्षेत्र में सावन के पावन अवसर पर आज एरच से गुरसराय तक भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। हजारों की संख्या में शिवभक्त कावड़ लेकर यात्रा में शामिल हुए। पूरा मार्ग हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा। जगह-जगह कावड़ियों का भव्य स्वागत किया गया और पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। सावन के अन्तिम सोमवार को एरच से गुरसराय के लिए भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। विभिन्न स्थानों से शिवभक्त अलग-अलग जत्थों में एरच पहुंचे, जहां से सभी कावड़िए एक साथ यात्रा में शामिल हुए।
डीजे और धार्मिक गीतों के साथ निकली कावड़ यात्रा में शिवभक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आगे बढ़ते नजर आए। कावड़ियों के हाथों में भगवा ध्वज और कंधों पर कावड़ दिखाई दी।
एरच से शुरू हुई कावड़ यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, रास्ते में लोगों की भीड़ बढ़ती गई। एरच में गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत के अलावा मार्ग मे जगह-जगह स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों द्वारा कावड़ियों के लिए स्वागत एवं सेवा शिविर लगाए गए।वहीँ प्रशासनिक अधिकारियो ने भी बुलडोजर से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया तो कहीं जलपान एवं अन्य व्यवस्थाओं के माध्यम से शिवभक्तों की सेवा की गई। किन्नर समाज सहित विभिन्न समुदायों के लोगों ने भी कावड़ियों का स्वागत कर सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
कावड़ यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। एरच से गुरसराय तक पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था रही। यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार तैनात रहे।उपजिलाधिकारी सुनील कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी पियूष कुमार पाण्डेय सहित जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा व्यवस्थाओं पर निगरानी रखी गई।
कावड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरा मार्ग भगवान शिव के जयकारों से गूंजता रहा। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
श्रद्धालुओं ने कंधे पर कावड़ लेकर भगवान भोलेनाथ का स्मरण करते हुए यात्रा पूरी की।
गुरसराय पहुंचने के बाद शिवभक्तों ने भगवान शिव के मंदिर में पहुंचकर पवित्र जल से जलाभिषेक किया और भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं शांति की कामना की।इस दौरान मंदिर परिसर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली और पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।
एरच से गुरसराय तक निकली यह भव्य कावड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं रही, बल्कि इसने सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश दिया। रास्ते भर लोगों ने जिस तरह कावड़ियों का स्वागत किया, उससे पूरा क्षेत्र शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
फिलहाल एरच से गुरसराय तक निकली भव्य कावड़ यात्रा शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। प्रशासन और पुलिस की व्यवस्थाओं के बीच शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन होकर यात्रा पूरी






