मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की यमुना जल परियोजना और हरियालो राजस्थान अभियान की समीक्षायमुना जल परियोजना के क्रियान्वयन में बड़ी उपलब्धि, हाइड्रोलॉजी एवं अंतरराज्यीय स्वीकृतियां जारीडीपीआर अनुमोदन की राह आसान, एसपीवी के जल्द गठन के निर्देशहरियालो राजस्थान अभियान के तहत अब तक 7 करोड़ 58 लाख से अधिक पौधारोपण10 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य, रक्षाबंधन पर भाई-बहन के नाम एक पेड़ लगाने का आह्वा राजस्थान के लिए महत्वाकांक्षी यमुना जल परियोजना और हरियालो राजस्थान अभियान को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को समीक्षा बैठक की। बैठक में दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।यमुना जल परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। परियोजना की डीपीआर के लिए आवश्यक हाइड्रोलॉजी एवं अंतरराज्यीय स्वीकृतियां जारी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राजस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि और प्रदेश के जल संसाधन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे परियोजना के विभिन्न निर्माण कार्यों को गति मिलने के साथ ही राजस्थान में यमुना जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के राज्य सरकार के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।बैठक में बताया गया कि 21 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली स्थित केंद्रीय जल आयोग में यमुना जल परियोजना की डीपीआर की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने परियोजना के कंसल्टेंट नेबकॉन के विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों को निरंतर समन्वय करते हुए डीपीआर के अनुमोदन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार ने बताया कि हॉसियावास, चूरू में प्रस्तावित तीन जलाशयों में से धनोटी जलाशय की निविदा जारी की जा चुकी है और इसकी तकनीकी निविदा 27 अगस्त को खोली जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करने तथा 29 जून, 2026 को हुए एमओए के अनुसार एसपीवी के गठन के लिए प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।वहीं, हरियालो राजस्थान अभियान की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने इस वर्ष 10 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि अभियान के तहत अब तक 7 करोड़ 58 लाख से अधिक पौधारोपण किया जा चुका है।मुख्यमंत्री ने विभागों को आपसी समन्वय के साथ पौधारोपण करने और लगाए गए पौधों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने आमजन को त्योहारों के अवसर पर पौधारोपण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर भाई-बहनों से एक पेड़ अपने भाई-बहन के नाम लगाने की अपील करते हुए कहा कि पौधारोपण करने वाले भाई-बहनों को सम्मानित भी किया जाए।बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण आनंद कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा राजेश कुमार यादव और शासन सचिव ग्रामीण विकास कृष्ण कुणाल सहित विभिन्न अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक से जुड़े।






