मध्य प्रदेश में पहली बार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
हनुमानताल थाने में ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज कर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई।
पैगंबर मोहम्मद साहब पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर दर्ज हुआ मामला।
चार दिनों से मुस्लिम समाज और अधिवक्ताओं का लगातार विरोध प्रदर्शन जारी था।
गुरुवार को बड़ी संख्या में वकीलों ने एसपी कार्यालय का घेराव किया।
नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद एसपी ने एफआईआर दर्ज करने के दिए निर्देश।
देर रात हनुमानताल थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया।
सीएसपी हेमंत कुमार ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की।
पुलिस के अनुसार मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में दर्ज हुआ।
घटना मध्य प्रदेश की नहीं होने से ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की गई।
अब प्रकरण संबंधित क्षेत्र की पुलिस को भेजा जाएगा।
देश के कई राज्यों में पहले से नाजिया इलाही के खिलाफ दर्ज हैं कई एफआईआर।
मुंबई, भिवंडी, कल्याण, बरेली और मुरादाबाद में भी चल रही है कानूनी कार्रवाई।
महाकौशल लॉ एसोसिएशन ने इसे संघर्ष की जीत बताया।
अधिवक्ताओं ने नाजिया पर सख्त कार्रवाई और NSA लगाने की मांग की।
भाजपा ने भी नाजिया इलाही से किसी भी संबंध से किया इनकार।
नाजिया ने वायरल वीडियो को AI से तैयार किया गया बताया है।
मध्य प्रदेश में दर्ज इस पहली एफआईआर के बाद मामले ने नया राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले लिया है।





