जबलपुर। मुहर्रम के मौके पर ओमती चौक में करीब 100 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक ताजिया और मन्नतों वाली मेहंदी रखी गई है, जहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचकर श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं। यह ताजिया क्षेत्र की पुरानी धार्मिक परंपराओं का प्रतीक मानी जाती है, जिसे वर्षों से स्थानीय लोग पूरी अकीदत और सम्मान के साथ स्थापित करते आ रहे हैं।
स्थानीय नागरिक मोहम्मद नईम ने बताया कि यह परंपरा उनके बुजुर्गों के समय से चली आ रही है और अब क्षेत्र के युवा एवं बच्चे मिलकर इसे आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले ताजिया भरतीपुर पिचकारी स्कूल के पास रखी जाती थी, लेकिन बाद में इसका स्थान बदलकर ओमती चौक कर दिया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाली पीढ़ियां भी इस ऐतिहासिक विरासत और परंपरा को इसी तरह कायम रखेंगी।
मोहर्रम की धूम में नया मोहल्ला मशीन वाले बाबा के यहां भी सज सजा देखने को मिली





