दहेज की लालच ने ले ली।
— आखिर आरोपी अब तक बाहर क्यों ?
–एक पिता का सवाल उसकी बेटी की मौत का आरोपी बाहर क्यों
—एक बेटी की मौत ने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी… लेकिन मौत के बाद शुरू हुई एक ऐसी लड़ाई, जो अब इंसाफ और सिस्टम के बीच खड़ी नजर आ रही है।
–विदिशा में एक परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी की जान दहेज की लालच ने ले ली। मामला पुलिस तक पहुंचा, एफआईआर भी दर्ज हुई, लेकिन परिवार का दावा है कि नामजद आरोपी अब भी कानून की गिरफ्त से दूर हैं। बेटी को खो चुके पिता का कहना है कि उन्हें सिर्फ अपनी बेटी की मौत का सच और दोषियों की गिरफ्तारी चाहिए।
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पुलिस कार्यालय की सीढ़ियां चढ़ता यह शख्स कोई आम फरियादी नहीं, बल्कि वह पिता है जिसने अपनी बेटी को हमेशा के लिए खो दिया।
Ancher – विदिशा जिले के ग्राम भौरिया निवासी मीठालाल अपनी बेटी सलोनी की मौत को लेकर लगातार अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहे हैं। उनका आरोप है कि शादी के बाद उनकी बेटी का वैवाहिक जीवन सामान्य नहीं रहा। धीरे-धीरे उसे आर्थिक मांगों और पारिवारिक दबावों का सामना करना पड़ा।
परिजनों का कहना है कि बेटी कई बार अपने साथ हो रही प्रताड़ना की जानकारी मायके वालों को देती थी, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि हालात इतने भयावह मोड़ पर पहुंच जाएंगे।
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मृतका के परिजनों के मुताबिक ससुराल पक्ष द्वारा लगातार महंगे वाहन और बड़ी रकम की मांग की जा रही थी। जब परिवार इन मांगों को पूरा नहीं कर सका, तब कथित रूप से सलोनी के साथ दुर्व्यवहार बढ़ता चला गया।
इसी बीच 13 मई 2026 को सलोनी की मौत की खबर मायके पहुंची। मौत किन परिस्थितियों में हुई, यही अब सबसे बड़ा विवाद बन गया है।
जहां ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, वहीं मृतका का परिवार इसे एक सोची-समझी साजिश का नतीजा मान रहा है।
बाइट – मीठालाल (पिता)
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परिवार का आरोप है कि शिकायत और जांच प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी को हिरासत में नहीं लिया गया है।
यही वजह है कि एक बार फिर परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई में तेजी लाने की मांग की।
मृतका के भाई का कहना है कि परिवार लगातार डर और तनाव के माहौल में जी रहा है। उनका आरोप है कि न्याय की मांग उठाने पर उन्हें दबाव बनाने की कोशिशें भी झेलनी पड़ रही हैं।
इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अगर जांच एजेंसियों के पास पर्याप्त तथ्य हैं तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है?
और यदि जांच अभी अधूरी है तो परिवार को कब तक इंतजार करना पड़ेगा?
इन तमाम सवालों के बीच पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
बाइट – प्रशांत चौबे, एडिशनल एसपी
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एक तरफ अपनी बेटी को खोने का दर्द… दूसरी तरफ न्याय की उम्मीद।
विदिशा का यह परिवार आज सिर्फ एक मांग कर रहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
अब निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, क्योंकि इस केस में सिर्फ एक मौत का मामला नहीं, बल्कि उस मौत के पीछे छिपे सच को सामने लाने की चुनौती भी है।





