देवास के हिस्से का पानी इंदौर जिले की मांगलिया पंचायत को दिए जाने की चर्चाओं के बीच नगर निगम प्रशासन और सत्तापक्ष को सामने आकर सफाई देना पड़ी। निगमायुक्त दलीप कुमार, सभापति रवि जैन, नेता सत्ता पक्ष मनीष सेन और महापौर गीता अग्रवाल ने प्रेस वार्ता कर दावा किया कि देवास के हिस्से का एक बूंद पानी भी मांगलिया पंचायत को नहीं दिया जाएगा। हालांकि पूरी प्रेस वार्ता में एक दिलचस्प तस्वीर भी सामने आई। शहर की प्रथम नागरिक महापौर गीता अग्रवाल मौजूद रहीं, लेकिन सवालों के जवाब देने की जिम्मेदारी महापौर पति, सभापति, नेता सत्ता पक्ष और निगमायुक्त संभालते नजर आए। वीओ सभापति रवि जैन ने बताया कि मांगलिया पंचायत और एनवीडीए के बीच 2.2 एमएलडी पानी को लेकर अनुबंध हुआ है। नगर निगम ने केवल अपने डेम के उपयोग की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया है, पानी देने का नहीं। इसके बदले निगम को मेंटेनेंस शुल्क भी प्राप्त होगा। वीओ सत्तापक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्षी कांग्रेस इस मामले को लेकर जनता के बीच भ्रम फैला रही है। निगम का दावा है कि वर्तमान जल भंडारण इतना पर्याप्त है कि यदि कई दिनों तक एनवीडीए का पानी नहीं भी मिले तो शहर की जलापूर्ति प्रभावित नहीं होगी। वीओ फिलहाल निगम की सफाई के बाद पानी को लेकर उठे सवालों पर तो विराम लगाने की कोशिश हुई, लेकिन शहर में चर्चा इस बात की भी रही कि आखिर इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर महापौर की चुप्पी की वजह क्या थी।




