बिजुरी पुलिस की बड़ी कामयाबी: महिला की अंधी हत्या और लूट का महज 06 घंटे में सनसनीखेज खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
महिला संबंधी अपराधों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई के जिला पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब के निर्देशों का पालन करते हुए, बिजुरी पुलिस ने तत्परता की एक मिसाल पेश की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के कुशल मार्गदर्शन में बिजुरी पुलिस टीम ने एक महिला की अंधी हत्या और लूट के मामले का महज 06 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना का विवरण
दिनांक 20/05/2026 को एक 17 वर्षीय नाबालिग बालक ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपनी एक महिला मित्र सुमन (परिवर्तित नाम, उम्र 20 वर्ष) के साथ शाम करीब 7:30 बजे कोरजा कालरी बाउंड्री के पास, रेलवे लाइन रोड पर एक सुनसान बरगद पेड़ के नीचे बैठा था।
इसी दौरान दो अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए युवती के साथ अश्लील हरकत और जबरदस्ती करने लगे। जब नाबालिग साथी ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके सिर पर पत्थर से हमला कर दिया। बदमाशों ने मृतिका को घसीटकर पास की नाली के पास ले जाकर अर्धनग्न कर दिया।
घायल होने के बावजूद नाबालिग बालक ने आरोपियों से मुकाबला किया और हाथापाई के दौरान एक आरोपी के सीने पर दांत से काट लिया। शोर मचने पर दोनों आरोपी वहां से भाग निकले, लेकिन जाते समय वे नाबालिग का रियलमी मोबाइल, स्कूटी की चाबी और मृतिका का लोवर लूटकर ले गए।
अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत
गंभीर हालत में पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने शुरुआत में बदमाशों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं (296(b), 115(2), 74, 75(2), 76, 309(6), 3(5)) के तहत मामला दर्ज किया था। लेकिन पीएम रिपोर्ट और पीड़िता की मौत के बाद मामले में धारा 103(1) बीएनएस (हत्या) का इजाफा कर अज्ञात आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई।
महज 6 घंटे में ऐसे दबोचे गए आरोपी
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के मात्र 6 घंटे के भीतर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। मनोवैज्ञानिक और तकनीकी रूप से की गई कड़ी पूछताछ (हिकमत अमली) में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और मृतिका का लोवर बरामद कर लिया है। इसके साथ ही घटनास्थल से महत्वपूर्ण जैविक साक्ष्य (Biological Evidence) भी संकलित किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- **गोलू कुशवाहा पिता शंकर कुशवाहा (उम्र 32 वर्ष), निवासी: ग्राम कोरेया (हाल छाता मोहल्ला, बिजुरी)।
- **अख्तर अली कुरैशी पिता हिफाजत अली कुरैशी (उम्र 36 वर्ष), निवासी: वार्ड क्र. 12, बिजुरी।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। सराहनीय भूमिका (पुलिस टीम)
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन के साथ बिजुरी पुलिस टीम की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।
- नेतृत्व व मुख्य टीम: निरीक्षक विकास सिंह, उपनिरी मानिम टोप्पो, उपनिरी विपुल शुक्ला, सउनि कमलेश तिवारी, सउनि प्रभाकर पटेल, सउनि विपिन बिहारी राय, सउनि बृजेश कुमार पाण्डेय, प्र.आर. सतीष मिश्रा, प्र.आर. के.के. तिवारी, आर. विश्वजीत मिश्रा, अभिषेक शर्मा, राजदेव सिंह, संगम तोमर ।
- विशेष योगदान (सुरागसी व गिरफ्तारी): सउनि प्रदीप अग्निहोत्री, आर. लक्ष्मण डांगी, मनोज उपाध्याय, रवि सिंह और रामनिवास गुर्जर की टीम ने संदिग्धों को ट्रैक करने और उन्हें अभिरक्षा में लेने में विशेष और उल्लेखनीय भूमिका निभाई, जिससे इस सनसनीखेज मामले का त्वरित खुलासा संभव हो सका।






