जबलपुर: हजरत सैयद ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (कचहरी वाले बाबा) का 5 दिवसीय सालाना उर्स संपन्न
जबलपुर: शहर में हजरत सैयद ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैह, जिन्हें ‘कचहरी वाले बाबा’ के नाम से भी जाना जाता है, का 5 दिवसीय सालाना उर्स बड़े ही अकीदत और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस उर्स में न केवल जबलपुर बल्कि देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से जायरीन ने शिरकत की।
पांच दिनों का भक्तिमय आयोजन
उर्स के पांचों दिन विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया:
प्रथम दिन: मिलाद-उन-नबी, नातख्वानी और कुरानख्वानी के साथ उर्स का आगाज़ हुआ।
द्वितीय दिन: शाही संदल निकाला गया और स्थानीय कव्वालों ने रात भर शमा महफिल में अपनी प्रस्तुति दी।
तृतीय दिन: दिल्ली के मशहूर कव्वाल रफीक आफताब साबरी ने अपनी सूफीयाना गायकी से दरबार में हाजिरी दी।
चतुर्थ दिन: नुसरत कादरी साहब के सूफी कलामों ने जायरीनों का दिल जीत लिया।
पांचवां दिन: उर्स के अंतिम दिन ‘रंग की महफिल’ सजी और कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स का विधिवत समापन हुआ।
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
उर्स के दौरान दरबार में सभी धर्मों और कौमों के लोग उमड़े, जो भारत की आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करता है। जायरीनों ने मजार शरीफ पर चादर और फूल पेश कर देश में अमन-चैन, भाईचारे और तरक्की की दुआएं मांगी। इस अवसर पर विशाल लंगर का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
प्रशासन और मीडिया का आभार
आयोजन समिति ने उर्स को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में सहयोग के लिए पुलिस प्रशासन, नगर निगम, जिला प्रशासन और मीडिया का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सभी के सक्रिय सहयोग से ही इतने बड़े आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न किया जा सका।





