गोंदिया जिला अंतर्गत अर्जुनी/ मोरगांव में— धान उत्पादक किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर “अन्नदाता” किसान संगठन के नेतृत्व में चल रहा साखली उपोषण आज सातवें दिन में प्रवेश कर गया है। 15 अप्रैल 2026 से तहसील कार्यालय अर्जुनी/मोर में शुरू हुआ यह आंदोलन अब और तेज़ होने की कगार पर है।
किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर उनकी 14 सूत्रीय मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है।
आंदोलनकारियों की चेतावनी:
बड़ी संख्या में किसान आंदोलन स्थल पर जुटेंगे
रास्ता रोको आंदोलन किया जाएगा
तहसील कार्यालय और उपविभागीय अधिकारी कार्यालय का घेराव
रेल रोको आंदोलन की भी तैयारी
साथ ही आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी
किसानों का कहना है कि वे पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और अब मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपना रहे हैं। उनका दर्द साफ झलकता है—“किसान वैसे भी मर रहा है, अब आंदोलन करके मरेंगे।” प्रशासन पर बढ़ा दबाव किसानों ने जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग की है। अब प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजी गई:
उपविभागीय अधिकारी, अर्जुनी/मोर
तहसीलदार, अर्जुनी/मोर
पुलिस स्टेशन, अर्जुनी/मोर
रेलवे स्टेशन कार्यालय, अर्जुनी/मोर
स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, प्रशासन और किसानों के बीच टकराव की संभावना बढ़ती दिख रही है।





