संदीप मौर्य✍️
कटनी/ढीमरखेड़ा। शासकीय उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न की हेराफेरी और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश के बाद ढीमरखेड़ा थाना पुलिस ने देवरी-बिछिया शासकीय उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न के अपयोजन और गबन के मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी वंदना जैन के आवेदन पर पूर्व विक्रेता एवं अध्यक्ष अनामिका आजीविका महिला स्व-सहायता समूह की जयंती बाई बर्मन, धर्मेंद्र पटेल निवासी पौड़ी कला तथा वर्तमान विक्रेता अभिलाष रंजन बर्मन निवासी देवरी-बिछिया के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(5) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पोर्टल और मौके के स्टॉक में बड़ा अंतर
जांच के दौरान एईपीडीएस पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक में बड़ा अंतर सामने आया। जांच रिपोर्ट के अनुसार 9,998.08 किलोग्राम गेहूं, 12,075.87 किलोग्राम चावल और 631 किलोग्राम नमक सहित खाद्यान्न के अपयोजन का उल्लेख किया गया है।
बाजार दर के आधार पर गेहूं की कीमत 2.49 लाख रुपये, चावल की 3.62 लाख रुपये तथा नमक की 6,310 रुपये आंकी गई। इस तरह कुल 6 लाख 18 हजार 586 रुपये की राशि वसूली योग्य पाई गई।
एक दुकान के दो वितरण केंद्र
जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम पंचायत देवरी-बिछिया में देवरी, बिछिया और पिपरिया गांव शामिल हैं। पिपरिया की देवरी दुकान से करीब 8 किलोमीटर दूरी होने के कारण वहां नवीन भवन से खाद्यान्न वितरण किया जाना पाया गया। वहीं देवरी से भी खाद्यान्न वितरण होना सामने आया। इस प्रकार एक उचित मूल्य दुकान के दो वितरण केंद्र संचालित पाए गए, जिसके संबंध में जांच के दौरान विक्रेता द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।





