जबलपुर में हर्षोल्लास के साथ निकला ज्यूलूस-ए-मोहम्मदी, पैगंबर हजरत मोहम्मद के जन्मदिन पर मांगी गई देश में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ
शहर में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश (जन्मदिन) के पावन अवसर पर भव्य और विशाल ज्यूलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ शहर के अन्य वर्गों के लोग भी बड़े उत्साह के साथ शामिल हुए। जुलूस के दौरान जगह-जगह लंगर का भी विशेष एहतमाम (व्यवस्था) किया गया था।
खुसूस और इख्लास के साथ निकला जुलूस: यह जुलूस बेहद शांतिपूर्ण, अनुशासन और आपसी भाईचारे के माहौल में निकाला गया।
देश में अमन और शांति की दुआ: जुलूस में शामिल लोगों ने देश की तरक्की, आपसी सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को बनाए रखने के लिए विशेष दुआएं मांगीं।
महिलाओं और कमजोर वर्ग के अधिकारों का संदेश: इस अवसर पर वक्ताओं ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के संदेश को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने समाज में बेटियों, विधवाओं और जरूरतमंदों को उनका वास्तविक सम्मान और अधिकार दिलाया।
हाफिज़ मोहम्मद ऐफाज का संदेश: जलूस के दौरान पेश-इमाम हाफिज मोहम्मद ऐफाज (जुलेखा एलुमिनियम) ने पूरी इंसानियत को मुबारकबाद देते हुए देश में शांति और मोहब्बत का संदेश दिया।
”हम सब मिलकर यही दुआ करते हैं कि अल्लाह ताला पूरे मुफ्ती आजम मौलाना महमूद अहमद कादरी ने मुल्क-ए-हिन्दुस्तान में अमन, शांति और आपसी भाईचारे को हमेशा कायम रखे।” — हाफिज मोहम्मद ऐफाज
यह आयोजन शहर की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द की एक बेहतरीन मिसाल पेश करता नजर आया, जहां सभी ने मिलकर पैगंबर साहब के संदेश को आम जन तक पहुँचाया।





