डबरा नगर पालिका एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है, नगर पालिका भाजपा उपाध्यक्ष सतेंद्र दुबे सहित एक दर्जन से अधिक पार्षद अनिश्चितकालीन धरने पर नपा भवन के बाहर बैठ गए हैं। उन्होंने नगर पालिका सीएमओ एवं अध्यक्ष पर विकास कार्य रोकने का आरोप लगाया है, पार्षदों ने बिकास कार्यों कि फाईले दिखाते हुए कहा कि हमें धरने पर बैठना मजबूरी है। शहर के वार्डो में बिकास कार्यों नहीं हुए है पार्षदों का आरोप है कि नगर पालिका अध्यक्ष विकास कार्यों में बाधा डाल रही हैं,वे_ विकास कार्यों से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं करतीं और नियमित रूप से नगर पालिका कार्यालय भी नहीं आतीं।
पार्षदों ने यह भी बताया कि मार्च माह में बुलाई गई परिषद की बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए थे, लेकिन उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उनकी मांग है कि इन प्रस्तावों को तत्काल लागू किया जाए और एक विशेष सम्मेलन बुलाया जाए, डबरा नगर पालिका में भाजपा उपाध्यक्ष सतेंद्र दुबे सहित एक दर्जन से अधिक पार्षद अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। हालात यह है कि शहर में गंदगी विद्युत व्यवस्था पानी सड़क पूरी तरह फैल हो चुकी हैं, नगर पालिका क्षेत्र ग्राम पंचायत से भी बदतर हो चुकी है।उनकी मांग है कि इन प्रस्तावों को तत्काल लागू किया जाए और एक विशेष सम्मेलन बुलाया जाए। आए दिन पानी आपूर्ति का मामला भी एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है, पार्षदों का कहना है कि नगर में पानी सप्लाई करने वाली कंपनी को प्रतिदिन 20 एमएलडी पानी की आपूर्ति करनी चाहिए। लेकिन वह केवल 12 एमएलडी पानी ही सप्लाई कर रही है, इसके बावजूद नगर पालिका उसे पूरा भुगतान कर रही है। पार्षदों ने इस कंपनी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है,पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक वे धरने से नहीं उठेंगे। वहीं सीएमओ का कहना है कि मेरे पास कोई सूचना एवं कार्यवाही के लिए कोई शिकायत पत्र नहीं आया है। धरने में नगर पालिका भाजपा उपाध्यक्ष सत्येंद्र दुबे के साथ पार्षद सुनीता राजोरिया, वर्षा पंडा, नारायणी देवी, हीरा सरदार, सुमित साहू, विक्रम वीर दुबे, नरेश पलिया, लवलेश कैन, जयेंद्र गुर्जर, सरदार सिंह कुशवाहा और मनोज रावत, सुदर्शन रावत शामिल हैं।






