भितरवार स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही के आरोप, ऑपरेशन के बाद बिगड़ी महिला की हालत


भितरवार में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल

ऑपरेशन के बाद बिगड़ी महिला की हालत, डॉक्टर की लापरवाही का आरोप।

“अस्पताल में डॉक्टरो की लापरवाही से , मरीज मौत से लड़ता रहा”

भितरवार
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शिवपुरी जिले के नरवर तहसील अंतर्गत ग्राम हेड़ा निवासी किशन सिंह बुन्देला ने कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर भीतरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि उनकी बहू कल्पना राजपूत का डिलेवरी ऑपरेशन अस्पताल में कराया गया, लेकिन ऑपरेशन के बाद महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अस्पताल में जिम्मेदार डॉक्टर मौजूद तक नहीं थे।

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने पहले तो “सब सामान्य है” कहकर ऑपरेशन के लिए दबाव बनाया, लेकिन जब महिला की हालत गंभीर हुई तो अस्पताल में कोई वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। मरीज तेज बुखार और लगातार कंपकंपी से तड़पती रही, वहीं परिजन डॉक्टरों के आने का इंतजार करते रहे।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब परिजनों ने महिला को दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात कही तो कथित रूप से डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। मजबूर परिजन महिला को ग्वालियर लेकर पहुंचे, जहां निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्वालियर के डॉक्टरों ने महिला की स्थिति को गंभीर बताया।

ग्रामीणों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति अब आम बात बन चुकी है। सरकार करोड़ों रुपये स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करने के दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत में मरीजों की जिंदगी भगवान भरोसे चल रही है।

महिला पति किसन बुंदेला ने अपनी मांग रखी है कि सीबीएमओ डॉ अशोक खरे, डॉ गीतिका पटेल डॉ अजय चंद्रावत तीनों डॉक्टरो पर कड़ी से कड़ी कार्य वाही की जाए नहीं तो मुझे मजबूरन न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी

किसन बुंदेला ने बताया कि CHMo के द्वारा बताया गया कि जांच टीम ने जांच करली है अगर ऐसा है तो हमें क्यों नहीं बुलाया गया सी सी टी वी कमरे चेक किए जाएं कि जांच टीम कब आई

यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि मरीज की जिंदगी के साथ खुला खिलवाड़ माना जाएगा। अब देखने वाली बात होगी कि जिला प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

इनका कहना था कि हमने जांच टीम गठित की थी जांच टीम के द्वारा जांच करली गई है जिसमें उसके इलाज में कोई लापरवाई नहीं हुई है

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