जबलपुर नगर निगम में 10 करोड़ के मासिक घोटाले का आरोप
जबलपुर: नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आज मालवीय चौक से नगर निगम मुख्यालय तक एक विशाल ‘मशाल जुलूस’ निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने निगम प्रशासन और ठेकेदारों की मिलीभगत से हो रहे करोड़ों के घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया है।
कांग्रेस पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने बताया
के अनुसार, शासन और कलेक्टर गाइडलाइन के तहत सफाई कर्मचारियों को प्रतिदिन ₹492 से ₹500 मिलने चाहिए, लेकिन उन्हें मात्र ₹220 से ₹250 ही दिए जा रहे हैं।
करोड़ों का घोटाला: नेता ने आरोप लगाया कि करीब 5500 कर्मचारियों के वेतन में कटौती कर हर महीने 5 करोड़ रुपये का गबन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, वार्डों में फर्जी लेबर दिखाकर 5 करोड़ रुपये का एक और घोटाला किया जा रहा है, जिसमें कुछ पार्षदों की संलिप्तता का भी आरोप लगाया गया है।
अमानवीय व्यवहार: यह भी आरोप है कि रविवार की छुट्टी का पैसा भी कर्मचारियों के वेतन से काटा जाता है, जो नियमों के विरुद्ध है।
अल्टीमेटम: प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सफाई कर्मचारियों के रुके हुए वेतन का भुगतान आज ही चेक के माध्यम से किया जाए। यदि मांगे पूरी नहीं हुईं, तो आमरण अनशन और अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी गई है।
नेताओं का कहना है कि यह जनता के टैक्स के पैसे की लूट है और जब तक कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिल जाता, यह लड़ाई जारी रहेगी।





