रोजगार, सड़क और प्रदूषण के मुद्दे पर भड़का जनाक्रोश, कार्रवाई नहीं हुई तो होगा चक्काजाम
अनूपपुर। खनन प्रभावित क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को रोजगार, प्रदूषण नियंत्रण, क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने एसईसीएल प्रबंधन और नीलकंठ कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निराकरण की मांग की गई है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि खनन परियोजनाओं से प्रभावित क्षेत्र के योग्य युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है, जबकि बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने स्थानीय युवाओं का पंजीयन कर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है।
धूल प्रदूषण से बिगड़ रहा स्वास्थ्य
ग्रामीणों का कहना है कि कोयला परिवहन और खनन गतिविधियों से भारी मात्रा में धूल उड़ रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। परिवहन मार्गों पर नियमित पानी का छिड़काव, डस्ट सप्रेशन सिस्टम की स्थापना और कोयला वाहनों को तिरपाल से ढंकने की मांग की गई है।
बांकी बांध पर मंडरा रहा जल संकट का खतरा
ग्राम पंचायत भाद और चुकान के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बांकी बांध में लगातार मिट्टी और खनन मलबा डाला जा रहा है, जिससे उसकी जलधारण क्षमता प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने तत्काल डंपिंग रोककर वैज्ञानिक सर्वे और संरक्षण कार्य कराने की मांग उठाई है।
ब्लास्टिंग से मकानों और कुओं में दरारें
ज्ञापन में कहा गया है कि खदानों में लगातार हो रही ब्लास्टिंग के कारण कई गांवों के मकानों में दरारें आ गई हैं और कुएं-बोरवेल भी प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों को सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की गई है।
सड़क किनारे खड़े ट्रकों से बढ़ रहा हादसों का खतरा
माइंस के भारी वाहन सड़क किनारे खड़े रहने से यातायात प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल निर्धारित करने और सड़क सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क निर्माण में देरी पर नाराजगी
पयारी नंबर-2 से भालूमाड़ा-कोतमा मार्ग तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क निर्माण के लिए पुरानी सड़क तोड़ दी गई, लेकिन लंबे समय बाद भी निर्माण शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बरसात से पहले सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
मूलभूत सुविधाओं की भी उठी मांग
ज्ञापन में बरतराई मुख्य मार्ग से नई बस्ती टिमकीटोला तक सड़क निर्माण, शुद्ध पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट स्थापना तथा स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
चेतावनी: मांगें नहीं मानी गईं तो होगा आंदोलन
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मांगों पर ठोस और संतोषजनक कार्रवाई शुरू नहीं की गई तो क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और संबंधित ठेका कंपनी की होगी।




