सम्वाददाता-कृष्णकान्त श्रीवास्तव
भोपाल। छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत के हृदय विदारक मामले को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में बीते दिन शाम को राजधानी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे, न्यू मार्केट पर सरकार के खिलाफ विशाल कैंडल मार्च निकाला गया।
इस भावुक विरोध प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने मृत मासूमों को श्रद्धांजलि दी और पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग की।
“यह सरकारी हत्या है, सरकार आंकड़े छिपा रही है”
कैंडल मार्च के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मोहन यादव सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि छिंदवाड़ा में 22 से अधिक बच्चों की मौत हुई है और सरकार मौतों के आंकड़े छिपाने की कोशिश कर रही है।
पटवारी ने कहा, “यह दुर्घटना नहीं, यह सरकारी हत्या है।” उन्होंने आगे कहा कि वह छिंदवाड़ा में पीड़ित परिवारों से मिलकर आए हैं और “वहां हर परिवार खून और आंसुओं में डूबा हुआ मिला है।” पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि किसी ने भी इस गंभीर मामले पर स्वास्थ्य मंत्री से कोई सवाल नहीं किया।
स्वास्थ्य मंत्री सहित कई अधिकारियों के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने इस त्रासदी के लिए सीधे तौर पर स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। कैंडल मार्च में शामिल नेताओं ने निम्नलिखित प्रमुख माँगें उठाईं:
- मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री (राजेंद्र शुक्ल) का तत्काल इस्तीफा।
- औषधि नियंत्रक और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पर कठोर कार्रवाई।
- पूरे कफ सिरप कांड की उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए।
- पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
दिग्विजय सिंह ने भी सरकार पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं दिया, तो प्रदेश भर में जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा।






